कविता-- अटूट संबंध
रात में मां बच्चें को लोरी सुनाती है,
हिंदी लोरी सुनकर खुश हो जाती है,
उर्दू मां की आंचल से लिपट जाती है,
यह अटूट प्रेम देखकर मां मुस्कुराती है
हिंदी और उर्दू है अपने दिल की भाषा,
दोनों बहन की प्रेम की यही है परिभाषा।
दोस्त!हिंदी कहती हैं तुम मुझे सही से जानों,
उर्दू कहती है,हम दोनों के रिश्ता को पहचानों।
हिंदी और उर्दू में अटूट संबंध है,यही देश की शान है,
ज़रा मुल्क का नाम तो देखो अपना ही हिन्दुस्तान है..…..
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✍️शायर गौरव झा,ग्वालियर

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