शायरी

इस शहर की गलियों में दीप जलाने आया हूँ,
हर मकां में दीपक बन अंधेरा मिटाने आया हूँ,
ज़िंदगी के भाग-दौड़ भरे इस अंजान पथ पर,
आग हूँ, तुम्हारे दिल में मैं आग लगाने आया हूँ!!

✍️ Gaurav

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