वक्त कुछ ऐसा चला कि पेड़ के सारे पत्ते पेड़ से टूट गए,
जो टुकड़ा था अपने ज़िगर का साथ वहीं हमेशा छोड़ गए,
पता नहीं क्या? खता हुई ना जाने क्यूँ ए ख़ुदा,
कि सारे पत्ते एक साथ बिनकहे रिश्ता एक साथ तोड़ गए,
एक विशाल बुढ़ा पेड़ पत्ते के बिना संसार छोड़ गए।।
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक किले और वहाँ की वास्तुकला, ऐतिहासि...
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