पेड़
वक्त कुछ ऐसा चला कि पेड़ के सारे पत्ते पेड़ से टूट गए,
जो टुकड़ा था अपने ज़िगर का साथ वहीं हमेशा छोड़ गए,
पता नहीं क्या? खता हुई ना जाने क्यूँ ए ख़ुदा,
कि सारे पत्ते एक साथ बिनकहे रिश्ता एक साथ तोड़ गए,
एक विशाल बुढ़ा पेड़ पत्ते के बिना संसार छोड़ गए।।

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