आपके हुस्न की क्या तारीफ करना चाहिए,
थोड़ी सी होठों पे मुस्कान रखना चाहिए,
कुछ अल्फाज लिखता हूँ,
दिल में कुछ जज्बात रखता हूँ,
लिखा ना हो,जो किसी ने अब तक,
ऐसा कुछ लिखूं
गीत लिखूं,गजल लिखूं या शायरी,
लिखकर हर कदम हर-पल आपके साथ हूँ,
दूर होकर भी कविता के जरिए आपके दिलों के पास हूँ।।
आपकी इस दिल लगी में अपना दिल खो बैठे,
कल तक उस माँ के थे,आज हम आपके हो बैठे,
इश्क सुना था तो बहुत,दीवाना बना लेता है,
पर आज खुद करके अपनी शमां बुझा बैठे।।।
मैं भी तुझे दिल में बसाने लगा हूँ,
कभी-कभी मैं भी सपने सजाने लगा हूँ,
तू कभी उठकर बाजारों में तो देख,
बस!तेरी ही तस्वीर लगाने लगा हूँ।।
तुझसे मुहब्बत करने लगा हूँ,
तेरी यादों में मैं जीने लगा हूँ,
बस!तू कभी मुझे ठुकराना मत,
वैसे भी मैं कभी बौखलाने लगा हूँ।।
------ 💐 Writer Gaurav Jha
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