Skip to main content

दर्द भरी शायरी

आपके हुस्न की क्या तारीफ करना चाहिए,
थोड़ी सी होठों पे मुस्कान रखना चाहिए,
कुछ अल्फाज लिखता हूँ,
दिल में कुछ जज्बात रखता हूँ,
लिखा ना हो,जो किसी ने अब तक,
ऐसा कुछ लिखूं
गीत लिखूं,गजल लिखूं या शायरी,
लिखकर हर कदम हर-पल आपके साथ हूँ,
दूर होकर भी कविता के जरिए आपके दिलों के पास हूँ।।

आपकी इस दिल लगी में अपना दिल खो बैठे,
कल तक उस माँ के थे,आज हम आपके हो बैठे,
इश्क सुना था तो बहुत,दीवाना बना लेता है,
पर आज खुद करके अपनी शमां बुझा बैठे।।।

मैं भी तुझे दिल में बसाने लगा हूँ,
कभी-कभी मैं भी सपने सजाने लगा हूँ,
तू कभी उठकर बाजारों में तो देख,
बस!तेरी ही तस्वीर लगाने लगा हूँ।।

तुझसे मुहब्बत करने लगा हूँ,
तेरी यादों में मैं जीने लगा हूँ,
बस!तू कभी मुझे ठुकराना मत,
वैसे भी मैं कभी बौखलाने लगा हूँ।।

                          ------ 💐 Writer Gaurav Jha

Comments

Popular posts from this blog

जयपुर का गुलाबी रत्न 'हवा महल' : इतिहास,अद्भुत वास्तुकला और पर्यटन का बेजोड़ संगम

        GAURAV   Jha   ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक किले और वहाँ की वास्तुकला, ऐतिहासि...

यात्रा-वृतांत : दिल्ली से माता मनसा देवी मंदिर पंचकुला तक मेरी अद्भुत,यादगार और अविस्मरणीय यात्रा/ Gaurav Jha

   Mansa Devi Temple Panchkula |  यात्रा-वृतांत | दिल्ली से पंचकुला तक मेरी अविस्मरणीय यात्रा | Gaurav Jha __________________________________         Gaurav JHA ( WRITER,COLUMNIST &JOURNALIST )   मेरी इस यात्रा का पहला पड़ाव था - श्री माता मनसा देवी मंदिर, जो स्थित है पंचकुला, हरियाणा में। पंचकुला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।मनसा देवी मंदिर जो पंचकुला, हरियाणा में स्थित है। मैंने अपनी यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली से की। प्रात: सूर्य की लालिमा धरा पर पड़ रही थी। सुबह का तकरीबन 6:00 बज रहा था। हमनें मन में ठान लिया था कि मनसा देवी मंदिर घूमना है,माता का दर्शन करना है। जी हाँ! आखिर ऐसा क्यों न हो? माता का दर्शन सौभाग्य से जो मिलता है। जब भी मनसा देवी माता का कृपा अथवा उनका आदेश होगा।आप भारत के किसी कोने में रहेंगे।आप माता के दरबार में पहुँच ही जाऐंगें।                   हालांकि माता मनसा देवी, भारत के हरियाणा राज्य के पंचकुला जिले में स्थित...

सुलभ क्रांति के जनक : पद्म विभूषण डाँ. विंदेश्वर पाठक

  WRITER GAURAV JHA  सुलभ स्वच्छता एवं सामाजिक सुधार-आंदोलन के जनक कहे जाने वाले पद्म विभूषण से अलंकृत महान व्यक्त्वि डॉ. विन्देश्वर पाठक जी थे। उन्होंने सिर्फ़ महात्मा गाँधी जी के सपने को पूरा नहीं किया। बल्कि स्कैवेंजरों के मानवाधिकार और सम्मान दिलाने के लिए जीवन भर संघर्षरत रहा और अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। अक्सर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी कहा करते थे कि ------------- " शायद मेरा पुनर्जन्म नहीं हो,किंतु यदि ऐसा होता है, तब मेरी इच्छा है कि मेरा जन्म स्कैवेंजरों के परिवार में हो, जिससे मैं सर पर मैला ढ़ोने के अमानवीय, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तथा घृणित कार्य से उन्हें मुक्ति दिला सकूँ" कहीं न कहीं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. विंदेश्वर पाठक जी महात्मा गाँधी जी के विचारों से प्रभावित थे,और उनके विचारों को सीने में लेकर चला और लाखों स्कैवेंजरों, 'अस्पृश्यों' को मानवाधिकार और सम्मान दिलाने के लिए महात्मा गाँधी के अधूरे सपने को पूरा किया। दर असल पद्म विभूषण डॉ. विंदेश्वर पाठक जी का जन्म 2 अप्रैल, 1943 को बिहार के वैशाली जिले के रामपुर के बघेल गांव में एक म...