GAURAV JHA गूगल सूचना का सिर्फ़ है माध्यम,किताबों से मिलता है ज्ञान, प्रशस्त करता सही राह मानवों के लिए,किताब है एक वरदान।। हौसला रख मंज़िल की तरफ अगर तुम्हें बढ़ना है, चुनों सही राह,पथिक बनकर जीवन में चलना है।। पहाड़ काटकर माउंटेन मेन मांझी ने बनाया रास्ता, रख जज्बा कुछ कर गुजरने की, तुम्हें करना होगा।। आफ़ताब की तरह चमकने के लिए तुम्हें भी जलना होगा, कदम से कदम मिलाकर अपने कर्तव्य-पथ पर चलना होगा। आंधियां क्या रोकेगी रास्ता, हवा का रूख तू मोड़ सकता है, मंज़िल की राहों में खड़ा हो गर,कोई पहाड़ उसे तोड़ सकता है।। 'ए गौरव' दीपक बनकर जलना होगा, कर्तव्य पथ पर सदा तुम्हें चलना होगा।। रख हौसला,आफ़ताब बनकर जलना होगा, क़दम मिलाकर कर्तव्य-पथ पर चलना होगा।। लाख झंझावतें और विपदाएँ आएं जीवन में हटाना होगा, समंदर क्या रोकेगी रास्ता,नदियों को खुद राह बनाना होगा। @GauravJha
शब्दों का सफ़र
Gaurav Jha is a signature of Kalam who is a litterateur as well as a skilled speaker, leader, stage operator and journalist. His poems, articles, memoirs, story are being published in many newspapers and magazines all over the country. At a very young age, on the basis of his authorship, quality,ability.he has made his different fame and his identity quite different in the country. यह ब्लॉग यात्रा,इतिहास,शिक्षा और साहित्य से जुड़ी रोचक कहानी और जानकारी साझा करता है.....