आज हिन्दी के कालजयी और बहुआयामी व्यक्तित्व ,अग्रगण्य साहित्यकार दादा माखनलाल चतुर्वेदी जी की रचना 'एक भारतीय आत्मा' के बारे में अध्ययन कर रहा था।लगभग कुछ पन्नों को ही पढ़ा था,उसमें एक-एक शब्द बड़े प्रेरणादायक हैं।कर्मयोगी करुणापुरुष माखनलालजी ने साहित्य के सन्दर्भ में अपनी अवधारणा स्पष्ट की थी---- "लोग साहित्य को जीवन से भिन्न मानते हैं,वे कहते हैं साहित्य अपने ही लिए हो।दरअसल उनका कहना है कि साहित्य का यह धन्धा नहीं कि हमेशा मधुर ध्वनि ही निकाला करें.... जीवन को हम एक रामायण मान लें।रामायण जीवन के प्रारंभ का मनोरम बालकाण्ड ही नहीं किन्तु करुण रस से ओतप्रोत अरण्य काण्ड भी है और धधकती हुई युद्घाग्नि से प्रज्वलित लंका काण्ड भी है।"सचमुच बहुत दिनों से कई सारे प्रश्नों का हल अपने आप में ही खोज रहा था,लेकिन श्रद्धेय दादा माखनलाल जी की रचना पढ़कर बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।सचमुच अगर इनके द्वारा रचित एक शब्द को जीवन में उतार लूँ,तो भी मैं अपने को बहुत छोटा ही समझूंगा।और कुछ पढ़कर उन्हें जानने का दावा भी नहीं कर सकता। निश्चिततौर पर महान श्लाका,कालजयी व्यक्तित्व दादा माखनलालजी की रचना उनके द्वारा लिखे गए एक-एक शब्द अपने आप में महान है।ऐसे विराट व बहुआयामी व्यक्तित्व और मूर्घन्य कृतित्व की महत्ता सत्ता की तुलना में बहुत ऊँचे शिखर प्रतिष्ठित है और पीढ़ी दर पीढ़ी पूरे सामाजिक प्राणियों के लिए प्रेरणा का स्तोत्र रहेंगे।ऐसे बहुआयामी विराट व्यक्ति को अपनी अंतर्आत्मा से सत-सत नमण।
---आपका क़लमकार गौरव झा
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक किले और वहाँ की वास्तुकला, ऐतिहासि...
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