स्त्रियाँ एक मोम
जैसी होती हैं,
हर बात पे नाराज़ होना,
गुस्सा हो जाना,
होता है उसका स्वभाव
गुण,
मन से चंचल, पवित्र
जो अंतिम साँस तक,
रिश्तों को सहेजना,सँभालना
जानती है,
हर स्त्री पाना चाहती है प्रेम,
जो उसे हर-क्षण, हर-पल
ख़ुशी दें,
आख़िरी साँस तक वो
रखती है एक उम्मीद
जो उसे दिल से समझे,
उसकी भावनाओं को समझे,
उसे जाने,उसे पहचाने
स्त्रियाँ होती है एक मोम
जैसी जो बात-बात पे
पिघल जाती है,
कभी हँसती है जैसे रात की
चाँदनी खिलखिला कर
हँस रही हो,
रोती है कभी तो आती है
सुनामी,जो समंदर की
लहरों में उथल-पुथल
मचाती है,हल-चल होती
है पानी में भी,
स्त्रियां घर की रौनकता है,
वहीं दुनिया की शक्ति है,
जिस पर समस्त सृष्टि
टिकी हुई है,
सृष्टि का आधार है ये नारी,
तकलीफ़ देता रिश्ता वो,
सहेजती है,सँभालती है,
ढँकती है,बाँधती है,
उम्मीद के आख़िरी छोर तक,
बस!याद रखना जिस दिन
वह मुँह मोड़ेगी,
समझ लेना होगा संपूर्ण विनाश,
होगें आप बर्बाद,
बनती है कभी वो एक दीपक की बाती
जो प्रकाश फैलाता है चारों ओर,
ख़ुद कभी बनती है प्रेरणा,
स्त्री होती है मोम जैसी.........
✍️✍️ kavi Gaurav Jha
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक किले और वहाँ की वास्तुकला, ऐतिहासि...
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