अभी-अभी धूप उगी है,
काम करने की सबने
अब कुछ मन में ठानी हैं,
सूरज चाचा भी सो गए हैं,
वो अपना होश खो दिए हैं,
वर्षो से सूरज ने बंद कर
लिया है अपना दरवाजा,
क्योंकि भीषण आग की
लपटों में इंसान भुगते न
कभी भी गलत ख़ामियाजा,
सूरज का अंदाज़ गजब है,
वह है आग का गोला,
रहो ज़रा इससे थोड़ा दूर,
अपनी गर्मी से करते
यह सभी को हमेशा मजबूर,
बेचारा सूरज भी मजबूर है,
यह हर इंसानों के पहुँच
से ही बहुत दूर-दूर है,
बंद कर लिया अब सूरज
भी है अपना दरवाजा,
इंसान रोज़-रोज भुगते न
भीषण गर्मी में ख़ामियाजा,
बैठा था सूरज घर के बाहर
माँ ने उसे ख़ुद बड़े प्यार से
बुला लिया और कहा जल्दी से
तू घर के अंदर अब आजा।
ज़ोर-शोर से आसमाँ में
गरज रहे थे बादल,
नीचे बैठकर रेत की धूल
में लिपट-लिपटकर कुछ
खेल खेल रहे थे बालक।
सूरज को माँ ने कहा
ज़रा इतनी धूप है तो क्या?
मुझे उसके घर तुम जाने दो,
वह छोटे बच्चे जो बैठा है,
खेल रहा है अपने आँगन में,
उसे ज़रा कुछ पाठ पढ़ाने दो।
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक किले और वहाँ की वास्तुकला, ऐतिहासि...
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