मुक्तक/कवि गौरव झा

देश में पाप करके घातक बने बैठे है,
देश के विकास में बाधक बने बैठे है,
भक्तों से कराके अपनी ही पूजा यहाँ,
शैतान बना यहाँ, साधक बने बैठे हैं!!!!
                   ----- @💐कवि गौरव झा

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